सुरंगपानी पंचायत में “अग्रिम राशि” का बड़ा खेल

WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.08
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.09
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.08 (1)

विकास के नाम पर लाखों का आहरण, जमीन पर शून्य काम

WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.07

ग्रामीणों में आक्रोश, मुख्यमंत्री से शिकायत

WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.05
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.06




जशपुर / पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरंगपानी में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ग्राम विकास के नाम पर शासन से स्वीकृत लाखों रुपये की राशि को पूर्व सरपंच द्वारा अग्रिम रूप से आहरित कर लिया गया, लेकिन धरातल पर आज तक कोई निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों को रोककर शासकीय धन का खुला गबन किया गया है।



ग्रामवासियों एवं वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों (सरपंच एवं पंचों) ने इस गंभीर वित्तीय अनियमितता को लेकर मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग की है।



ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में पंचायत में कई निर्माण कार्य स्वीकृत हुए थे। शासन द्वारा इन कार्यों हेतु लाखों रुपये जारी किए गए, जिनमें से बड़ी राशि को “Advance” के रूप में निकाल लिया गया। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से एक वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो कार्य शुरू हुआ, न ही राशि वापस शासन खाते में जमा कराई गई।


यह स्थिति ग्राम पंचायत के लिए विकास अवरोध बन गई है। वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि यदि वे नए सिरे से कार्य प्रारंभ करने का प्रयास करते हैं, तो पूर्व सरपंच के लोगों द्वारा दबाव बनाकर अधिकारियों से कार्य रुकवाने के आदेश जारी कराए जाते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार ग्राम सभा में हिसाब-किताब और प्रभार सौंपने की मांग उठाई गई, लेकिन पूर्व सरपंच की अनुपस्थिति और जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते आज तक कोई समाधान नहीं निकला।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनपद पंचायत स्तर के अधिकारी किसी दबाव में कार्यवाही नहीं कर रहे, जिससे मजबूर होकर ग्रामवासी न्याय की आस में शासन के उच्च स्तर तक पहुंचे हैं।

शिकायत में जिन कार्यों में अग्रिम राशि आहरण का आरोप है, उनमें शामिल हैं—

1. सीसी रोड निर्माण पंचायत भवन से बाजार डाँड़ तक
स्वीकृत राशि – 5.8 लाख
अग्रिम राशि आहरण– 2.9150 लाख


2. मंच छज्जा निर्माण कार्य हाईस्कूल गणेश मंच
स्वीकृत राशि – 4 लाख
अग्रिम राशि आहरण – 2 लाख


3. भुईहर पर सीसी रोड निर्माण
स्वीकृत राशि – 4 लाख
अग्रिम राशि  आहरण  2 लाख


4. मंच छज्जा चबूतरा निर्माण शांतिपारा बीरबलघर के पास
स्वीकृत राशि – 2 लाख
अग्रिम राशि –आहरण 1 लाख


5. चबूतरा निर्माण हाईस्कूल पारा गणेश पंडाल के पास
स्वीकृत राशि – 1 लाख
अग्रिम राशि –आहरण 0.5 लाख


6. पुलिया निर्माण कार्य कुकराझार सुरंगपानी
स्वीकृत राशि – 15 लाख
अग्रिम राशि –आहरण 8 लाख
(कार्य आज तक प्रारंभ नहीं)

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि शासकीय धन के गबन का खुला मामला है। पंचायत विकास के लिए जो राशि आई थी, वह जनता की मेहनत की कमाई है, जिसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें हैं—

पूर्व सरपंच द्वारा आहरित अग्रिम राशि की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच

दोषी पाए जाने पर राशि की वसूली एवं कानूनी कार्यवाही

पूर्व सरपंच, सचिव एवं संबंधित लोगों पर FIR दर्ज की जाए

वर्तमान पंचायत को स्वतंत्र रूप से कार्य करने हेतु बजट एवं अनुमति दी जाए


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

अब सवाल यह है कि ग्राम विकास के नाम पर निकाले गए लाखों रुपये आखिर गए कहां? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या सुरंगपानी पंचायत भ्रष्टाचार का शिकार होकर रह जाएगी? ग्रामीणों की नजर अब शासन के निर्णय पर टिकी है।