लैलूंगा में धान माफिया पर बड़ा प्रहार! घनघोर जंगल में राजस्व टीम की दबिश, ओडिशा का धान खपाने की साजिश नाकाम

WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.08
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.09
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.08 (1)


लैलूंगा क्षेत्र में अवैध धान कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। तहसीलदार लैलूंगा शिवम पांडे, नायब तहसीलदार हिमांशु सिंह एवं फूड इंस्पेक्टर खुशी राम की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जयप्रकाश पैंकरा पिता मोहन लाल पैंकरा, निवासी जमुना को अवैध धान एवं पिकअप वाहन सहित जमुना के घनघोर जंगल में धर दबोचा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ बिचौलियों के माध्यम से ओडिशा से धान लाकर छत्तीसगढ़ के लैलूंगा क्षेत्र में खपाने की साजिश रची जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार शिवम पांडे के नेतृत्व में तत्काल टीम गठित की गई और संभावित मार्गों पर सतर्क निगरानी शुरू की गई।

बताया जा रहा है कि धान से लदी पिकअप को जंगल के रास्ते छिपाकर ले जाया जा रहा था, ताकि प्रशासन की नजरों से बचा जा सके। लेकिन राजस्व टीम और फूड इंस्पेक्टर की मुस्तैदी के आगे धान माफिया की एक भी चाल काम नहीं आई। घेराबंदी कर टीम ने जंगल के भीतर ही पिकअप को रोक लिया, जहां जांच के दौरान धान के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

कार्रवाई के दौरान पिकअप वाहन को जब्त कर लिया गया है तथा धान की मात्रा की विधिवत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में धान के ओडिशा से लाए जाने की पुष्टि होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर शून्य सहनशीलता की नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय धान माफियाओं में हड़कंप मच गया है। स्थानीय किसानों और आम नागरिकों ने प्रशासन की इस तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी और वास्तविक किसानों को न्याय मिलेगा।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आगे भी अवैध धान कारोबार में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। लैलूंगा में राजस्व टीम की यह कार्रवाई अवैध धान तस्करों के लिए साफ संदेश है—कानून से बचना अब आसान नहीं।

Chandra Bhushan Jaiswal

Chandra Bhushan Jaiswal

More Posts - Website

WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.07