लैलूंगा में ‘अजेय योद्धा’ सुखन का धमाका! बच्चों के साथ छैर–छैरा मांगकर मनाया परंपरागत त्यौहार, गलियों में गूँजी खुशियाँ… पूरा कस्बा बना उत्सव का मैदान!

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लैलूंगा।
परंपराओं की धरती लैलूंगा में आज एक अनोखा और मनछू लेने वाला नज़ारा देखने को मिला। अजेय योद्धा के नाम से चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सुखन ने बच्चों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ की प्राचीन और लोक संस्कृति की पहचान छैर–छैरा मांगते हुए त्यौहार मनाया।   पारंपरिक गीतों की धुन और बच्चों की खिलखिलाहट ने पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में रंग दिया।

सुबह से ही बच्चों का समूह पारंपरिक वेशभूषा में, सिर पर टोकरी और हाथों में छैर लेकर गलियों, मोहल्लों और घर-घर पहुंचा। साथ ही सुखन स्वयं आगे बढ़कर बच्चों का मनोबल बढ़ाते नजर आए। जहां-जहां यह टोली पहुंची, वहां लोगों ने खुले दिल से स्वागत किया, बच्चों को आशीर्वाद दिया और मिठाई, फल तथा अन्य सामग्री देकर त्यौहार का महत्व और भी बढ़ा दिया।

स्थानीय लोगों ने कहा कि बदलते दौर में जहां आधुनिकता की आंधी परंपराओं को पीछे छोड़ रही है, वहीं सुखन का यह प्रयास एक मिसाल है। उन्होंने न सिर्फ बच्चों में उत्साह जगाया बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि संस्कृति, परंपरा और लोकरीति हमारी असली पहचान है। यही कारण है कि इस पहल की हर तरफ सराहना हो रही है।

त्यौहार के दौरान बच्चों के चेहरों पर दिखाई दे रही मुस्कान मानो यह कह रही थी कि यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि अपनों को जोड़ने, रिश्तों को मजबूत करने और समाज में एकता की नई मिसाल गढ़ने का अवसर है। इसी बीच कई बुजुर्गों ने भावुक होते हुए कहा कि बचपन का वही पुराना दृश्य आज फिर लौट आया, जिसे देखकर दिल खुश हो गया।

Chandra Bhushan Jaiswal

Chandra Bhushan Jaiswal

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