अयोध्या/जशपुर/ उत्तर प्रदेश की पावन धर्मनगरी राम जन्मभूमि अयोध्या में एक बार फिर भक्ति, आस्था और अखंड साधना का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से पहुंचे महाकुल यादव समाज एवं कुनकुरी, बगीचा और नारायणपुर अंचल के श्रद्धालुओं ने सरयू नदी तट पर 24 घंटे का अष्ट प्रहरी अखंड कीर्तन आयोजित कर वातावरण को राममय कर दिया।
इस पावन अवसर पर जैसे ही हरि नाम संकीर्तन की मधुर ध्वनि सरयू की लहरों से टकराई, पूरे तट पर मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मंजीरा, ढोलक और करताल की ताल पर गूंजते “राम नाम” ने यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की भक्ति परंपरा देशभर में अपनी अलग पहचान रखती है।
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में जशपुर जिले से तिलेश्वर यादव (बाला टोली), तुलाधार यादव (गढ़ाबहार), पंकज यादव (नवापारा), करुणा यादव (कुदमुरा पतराटोली), लिलाधार यादव (रायकेरा), राजेश्वी यादव (अम्बाडाड़) सहित अनेक श्रद्धालुओं का विशेष योगदान रहा। इनके अथक प्रयास, सेवा भावना और अनुशासन के कारण यह 24 घंटे का अखंड कीर्तन पूरी गरिमा और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक भजन-कीर्तन, हरिनाम जाप और प्रभु श्रीराम की महिमा का गुणगान किया। अयोध्या पहुंचे देश-प्रदेश के भक्तों ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ से आई यह टोली सच्चे अर्थों में सनातन संस्कृति की जीवंत मिसाल है।
कार्यक्रम की भव्यता और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के सहयोग से श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
अखंड कीर्तन के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस आयोजन ने न केवल यादव समाज की एकता और धार्मिक आस्था को दर्शाया, बल्कि छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु को भी और मजबूत किया।
निस्संदेह, अयोध्या की धरती पर जशपुर की यह भक्ति प्रस्तुति लंबे समय तक याद की जाएगी।
अयोध्या की सरयू तट पर छत्तीसगढ़ की भक्ति गूंज — जशपुर के यादव समाज ने रचा इतिहास
