मैजिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ कवि जयंत यादव का नाम

WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.08
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.09
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.08 (1)

छत्तीसगढ़ के साहित्य जगत को मिली एक और बड़ी उपलब्धि

WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.07



चंद्रपुर:— छत्तीसगढ़ की साहित्यिक परंपरा को नई पहचान दिलाते हुए रायगढ़ जिले के पुसौर अंचल स्थित ग्राम कोतासुरा निवासी युवा ओज कवि एवं छंदसाधक जयंत यादव ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनके द्वारा रचित ग्रंथ ‘प्रणत’ में 2048 प्रकार के अर्धसमवर्णिक छंदों के सृजन के लिए उनका नाम मैजिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि पूरे प्रदेश के साहित्य जगत के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान 27 दिसंबर 2025, शनिवार को रायपुर स्थित तुलसीमंगलम सभागृह में आयोजित बिलासा साहित्य शिक्षण संस्थान, छत्तीसगढ़ के तृतीय दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदान किया गया। इस अवसर पर देशभर से चयनित 129 छंदकारों को भी उनके साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सभी चयनित साहित्यकारों को स्मृति चिन्ह एवं प्रणाम पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह में संस्थान के संस्थापक छंदाचार्य डॉ. रामनाथ साहू ‘ननकी’, अध्यक्ष डॉ. माधुरी डड़सेना ‘मुदिता’ एवं सचिव डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’ ने छंद साधना की निरंतरता, अनुशासन और उसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि संस्थान के मार्गदर्शन में देशभर के साधक नियमित रूप से छंद लेखन का अभ्यास कर रहे हैं, जिससे छत्तीसगढ़ साहित्य के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। संस्था से जुड़े रचनाकारों द्वारा प्रतिवर्ष छंद आधारित पुस्तकों का प्रकाशन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। कवि जयंत यादव की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक समृद्धि का प्रतीक भी है।

WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.05
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-06 at 20.53.06