धान उपार्जन केंद्र बुनगा में मानक से अधिक वजन, बारदाना स्टॉक में गड़बड़ी और किस्म बदलकर खरीदी का मामला*

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प्रशासन ने लिया संज्ञान, संयुक्त जांच दल द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद प्रकरण दर्ज

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*धान उपार्जन केंद्र बुनगा में मानक से अधिक वजन, बारदाना स्टॉक में गड़बड़ी और किस्म बदलकर खरीदी का मामला*

*प्रशासन ने लिया संज्ञान, संयुक्त जांच दल द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद प्रकरण दर्ज*

*दोषियों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर*

रायगढ़, 13 दिसंबर 2025। विकासखंड पुसौर अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र बुनगा में धान खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। शासन द्वारा निर्धारित मानक वजन से अधिक धान खरीदे जाने, बारदाना स्टॉक में अंतर पाए जाने तथा मोटा किस्म धान की खरीदी दर्शाकर सरना धान खरीदे जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल द्वारा उपार्जन केंद्र में मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान धान खरीदी नीति 2025-26 का उल्लंघन पाया गया, जिसके आधार पर संबंधितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। कलेक्टर ने निर्देशित  करते हुए कहा है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
         जिला खाद्य  अधिकारी श्री चितरंजन सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार धान उपार्जन केंद्र बुनगा में प्राप्त शिकायत के आधार पर तहसीलदार पुसौर, नायब तहसीलदार पुसौर, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक एवं एपेक्स बैंक के पर्यवेक्षक द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया। संयुक्त दल द्वारा एक दिन पूर्व खरीदी गई धान की बोरियों का रैंडम वजन लिया गया, जिसमें औसतन 40 किलो 915 ग्राम पाया गया। वहीं स्टैक में रखी बोरियों का औसत वजन 40 किलो 820 ग्राम पाया गया, जो कि शासन द्वारा निर्धारित मानक वजन से अधिक है। इसके अतिरिक्त स्टॉक के भौतिक सत्यापन में 16 बोरा धान अतिरिक्त पाया गया।
      ऑनलाइन खरीदी पत्रक के अनुसार उपार्जन केंद्र में सरना धान 2205 क्विंटल होना चाहिए था, जबकि भौतिक सत्यापन में 2580 क्विंटल सरना धान पाया गया। वहीं 1558 क्विंटल मोटा धान के विरुद्ध केवल 1188 क्विंटल पाया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि उपार्जन केंद्र में मोटा किस्म धान की खरीदी दर्शाकर सरना धान की खरीदी की जा रही थी। इसके साथ ही नए एवं पुराने बारदाना के उपयोग में भी अनियमितता पाई गई तथा खाली नए बारदाना के स्टॉक में भी अंतर पाया गया। उपार्जन केंद्र में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने के चलते जांच दल द्वारा विधिवत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सतत निगरानी जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जांच के समय उपार्जन केंद्र में प्रबंधक डिलेश्वर प्रधान, ऑपरेटर अभिलाष गुप्ता एवं बारदाना प्रभारी श्याम सुंदर साव उपस्थित थे।

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