दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद हुआ शुभारंभ, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा
कोतबा। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर शनिवार को कोतबा में भव्य कलश रथ यात्रा निकाली गई। दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के बाद यात्रा का शुभारंभ हुआ। योगेश्वर महाराज जी के सान्निध्य में आयोजित पूजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्तगण शामिल हुए।
पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु कलश रथ के साथ विभिन्न मंदिरों की ओर रवाना हुए। यात्रा लकरामुड़ा शिव मंदिर, घोघरा शिव मंदिर एवं रेंचुआ बंजारी मंदिर से होते हुए सुरंगपानी शिव मंदिर और डुमरडीह के लिए रवाना हुई। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में भक्ति, उत्साह और धार्मिक आस्था का माहौल बना रहा।
इस अवसर पर उमाशंकर जी ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि कलश रथ यात्रा का उद्देश्य संत रविदास जी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना और समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव तथा एकता को मजबूत करना है।
यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने कलश रथ यात्रा का स्वागत किया। धार्मिक नारों और भक्ति गीतों के बीच निकली यात्रा ने पूरे क्षेत्र में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष जागेश्वर यादव, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्रीमती कुंती पैंकरा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुरुचि पैंकरा, उमाशंकर भगत, रोहित बंजारा,भूषण जायसवाल, अजय गुप्ता,विजय कुमार शर्मा, रामकुमार साहू, रोहित साहू, संतोष गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष हेमवती भगत, हेमंती वैष्णव, चतुर सोनी, योगेश्वर महाराज, पार्षद परमानंद पैंकरा, कुसुम पैंकरा, दीपक शर्मा, नेहरू साहू, प्रेम बंजारा बदर साय, अमृत पैंकरा, डिलेस्वर यादव, प्रेम ठाकुर, पलेस्वर ठाकुर एवं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने और समाज में आपसी सद्भाव, समानता तथा भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया.
